यूपी में पर्यटन परियोजनाओं की मंजूरी से पहले होगा जमीनी सत्यापन, मंत्री जयवीर सिंह ने दिए सख्त निर्देश

यूपी में पर्यटन परियोजनाओं की मंजूरी से पहले होगा जमीनी सत्यापन, मंत्री जयवीर सिंह ने दिए सख्त निर्देश

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Ground-level verification to precede approval

लखनऊ। Ground-level verification to precede approval, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने वर्तमान वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना में शामिल पर्यटन परियोजनाओं की स्वीकृति से पहले उसके जमीनी सत्यापन के निर्देश दिए हैं।

पर्यटन मंत्री ने कहा कि हर परियोजना की उपयोगिता और जनहित का आकलन किया जाएगा। इसके बाद ही अंतिम स्वीकृति मिलेगी। इसके लिए मंडलवार समीक्षा की जाएगी। सोमवार को मंत्री ने आगरा और अलीगढ़ मंडल की परियोजनाओं की समीक्षा के साथ इसकी शुरुआत की।

पर्यटन मंत्री ने पर्यटन निदेशालय से वर्चुअल बैठक में आगरा मंडल में 273 करोड़ रुपये लागत वाली 58 पर्यटन परियोजनाओं की जानकारी ली। वहीं अलीगढ़ मंडल के अलीगढ़, कासगंज, एटा और हाथरस की 19 पर्यटन परियोजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई। इन सभी प्रस्तावों की अनुमानित लागत 500 करोड़ रुपये से अधिक है।

मंत्री ने कहा कि प्रत्येक प्रस्ताव के साथ भूमि अभिलेख, नवीनतम फोटोग्राफ, व्यावहारिक लागत का आकलन व ऐतिहासिक या धार्मिक महत्व के प्रमाण अनिवार्य होंगे।

स्थानीय लोगों और पर्यटकों को मिलने वाले प्रत्यक्ष लाभ का स्पष्ट विवरण देना होगा। संबंधित विभाग, जिला प्रशासन और कार्यदायी संस्था की जिम्मेदारी भी पहले से तय की जाएगी। निर्माण कार्य की हर चरण में निगरानी रहेगी।

आगरा में बटेश्वर धाम के प्राचीन मंदिरों का संरक्षण, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी स्मारक पर पर्यटक सुविधाओं का विकास, कोठी मीना बाजार के सुंदरीकरण का प्रस्ताव रखा गया।

वहीं फिरोजाबाद में आर्य संस्कृति संकुल, बाबा नीब करौरी संग्रहालय के दूसरे चरण, पर्यटन सूचना केंद्र और महुआ वाली कालिका माता मंदिर में पर्यटक सुविधाओं के विकास पर चर्चा हुई। मैनपुरी में शीतला माता मंदिर, राम जानकी मंदिर, मनकामेश्वर मंदिर आदि धार्मिक स्थलों पर पर्यटक सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया।

बैठक में मथुरा की धर्मार्थ विभाग से संबंधित 245 करोड़ रुपये की तीन परियोजनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। इनमें 15 धार्मिक स्थलों के संरक्षण, श्रीबांके बिहारी महाराज कॉरिडोर के प्रस्ताव भी शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि कॉरिडोर का मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है।

वहीं, अलीगढ़ मंडल की 19 परियोजनाओं में धार्मिक स्थलों पर बहुउद्देशीय भवन व सुविधाओं के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया। इनमें अलीगढ़, कासगंज, एटा और हाथरस के प्रमुख धार्मिक स्थल शामिल हैं।

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण कराया जाए। विलंबित परियोजनाओं को नवंबर तक हर हाल में पूर्ण कराएं। कहा कि सांसदों, विधायकों और विधान परिषद सदस्यों को परियोजनाओं से नियमित रूप से अवगत कराया जाए।